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Bihar News: पुनपुन में दुर्गा विसर्जन के दौरान विवाद, लाठीचार्ज के आरोप पर बाजार बंद और थाने का घेराव

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना के पुनपुन में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान विवाद, स्थानीय लोगों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाया। बाजार बंद और थाने के घेराव के बाद प्रशासन ने स्थिति संभाली।

मसौढ़ी, 22 अक्टूबर। पटना जिले के पुनपुन में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हुए विवाद के बाद गुरुवार को स्थानीय बाजार में विरोध देखने को मिला। स्थानीय लोगों और कारोबारियों ने बाजार बंद रखा तथा पुनपुन थाने के बाहर प्रदर्शन कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस के लाठीचार्ज में करीब 15 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, घायलों की संख्या और चोटों की गंभीरता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों पर लाठियां चलाईं। उनका कहना था कि घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई, जिसके चलते बाजार बंद करने और थाने का घेराव करने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।


पुलिस ने महिला सिपाही से दुर्व्यवहार का दिया हवाला


घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जुलूस के दौरान भीड़ में एक युवक की पुलिसकर्मी से टक्कर हो गई थी। उनका दावा है कि युवक के माफी मांगने के बावजूद पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों पर बल प्रयोग किया।


दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही के साथ अभद्र व्यवहार किया था। पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।


पुनपुन थानाध्यक्ष बमबम कुमार ने भी पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात कही। दोनों पक्षों के दावों के बीच घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है।


अकौना गांव के विसर्जन जुलूस के मार्ग को लेकर भी सवाल


विवाद के बीच अकौना गांव की प्रतिमा के विसर्जन जुलूस को लेकर भी आरोप सामने आए। स्थानीय निवासी हेमंत रंजन ने दावा किया कि जुलूस के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्ग और समय का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, शांति समिति की बैठक में भी तय रूट और समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।


हेमंत रंजन ने यह भी आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान बाजार की ओर अबीर-गुलाल उड़ाने से कपड़े और मिठाई की कुछ दुकानों में रखे सामान को नुकसान पहुंचा। ये आरोप स्थानीय निवासी की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


प्रशासन ने क्या बताया?


मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी धनराज कुमार ने बताया कि उन्हें पुनपुन बाजार बंद होने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई गई। उन्होंने कहा कि नदी किनारे प्रतिमा विसर्जन के दौरान कुछ लोगों के अनुचित आचरण के कारण पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।


एसडीओ के अनुसार, अकौना की प्रतिमा को शाम करीब 6:30 बजे सुरक्षित रूप से विसर्जन के लिए पानी में उतार दिया गया था।


मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 आशीष राज से भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।


समझाने के बाद बाजार में लौटी गतिविधियां


विरोध और प्रदर्शन के बीच वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद दोपहर बाद बाजार की दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगीं।


घटना ने विसर्जन जुलूस के प्रबंधन, निर्धारित मार्ग के पालन और भीड़ के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पूरे मामले में स्थानीय लोगों के आरोपों, पुलिस के पक्ष और घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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